दोस्तों आज मैं एक ऐसी कार कंपनी की बात करने जा रहा हूँ जिसे अपनी बेहतर क्वालिटी और परफॉरमेंस में लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इस कार को शाही लोगों की पसंद माना जाता है क्योंकि इंग्लैंड की रानी का भी पसंदीदा कार भी जैगुआर ही है। तो चलिए जानते है जैगुआर कंपनी के पूरे सफर को और साथ ही जानेंगे की जैगुआर कंपनी कैसे 2008 के बाद टाटा मोटर्स का हिस्सा बन गई। शुरुआत इस कहानी की शुरुआत होती है 1922 को जब दो मोटर बाइक के दीवानों ने एक कंपनी बनाई जिसका नाम Swallow Sidecar कंपनी रखा। यह कंपनी तब कार नहीं बल्कि मोटरबाइक बनाती थी। जिन्होंने ये कंपनी खोली थी उनका नाम था विलियम लॉयन्स और विलियम वाल्म्सले और आगे चलकर वाल्म्सले ने अपने शेयर बेच दिए और उनके शेयर पब्लिक को बेच दिया गया। उसके बाद कंपनी का पुनर्गठन हुआ और कंपनी का नाम S.S. Cars Limited कर दिया गया और फिर S.S. Cars Limited ने स्टैण्डर्ड मोटर कंपनी के साथ कार बनाना शुरू की। S.S. Cars कंपनी जो भी कार बनाती थी उसे जैगुआर के नाम से बनाया जाता था। दोस्तों जैगुआर S.S. Cars Limited के मॉडल का नाम था। जैगुआर की श...
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